PANKAJ GUNA
Wednesday, October 27, 2010
वेचैनी मेरी
न हादसों के साथ लिए सात फेरे
न दर्द से की रिश्तेदारी
मगर दोनो हैं साथ मेरे
हरदम साये की तरह
मेरी पहिचान बन चुके है ये
और मेरी आदत भी
जब नही होता कोई हादसा मेरे साथ
या दर्द से बढ़ जाती हैं दूरियां मेरी
तो बढ़ जाती है वेचैनी मेरी
परेशानी मेरी
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